तीन दर्जन गांवों में पहुंचे एकता परिषद के लोग

Published on Saturday, June 21, 2014

तीन दर्जन गांवों में पहुंचे एकता परिषद के लोग

तीन दर्जन गांवों में पहुंचे एकता परिषद के लोग 
ग्रामीण के हकों की दी जानकारी 
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग

राज एक्सप्रेस 
राज न्यूज नेटवर्क 
सीहोर! बीते एक पखवाड़े में एकता परिषद के लोग तहसील क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांवों में पहुंचे हैं। एकता परिषद ने ग्रामीणों के आवासीय भूमि पट्टा संबंधित लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। इस संबंध में तहसील संयोजक संदीप धाड़ी के साथ कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद को ज्ञापन भी दिया। जिला एकता परिषद के संयोजक ने बताया कि यह संगठन सामाजिक है। आदिवासियों के अधिकारों के लिए अनेक सालों से मध्यप्रदेश सहित देश भर में संघर्ष कर रहा है। बीते 15 दिनों से तहसील क्षेत्र के 40 गांवों में परिषद के कार्यकर्ता पहुंचे हैं। इन गांवों में कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को उनके हकों की जानकारी प्रदान की एवं शासकीय कामों में आने वाली तमाम परेशानियांें का हल भी बताया। अनेक ग्रामीण को परिषद ने अपना सदस्य बनाने के लिए पंजीयन किया। 

कार्यशैली से परेशान है ग्रामीण 

इन गांवों में अनेक ग्रामीण शासन द्वारा संचालित योजनाओं से संबंधित अनेक कार्य पूरे नहीं होने से समस्याओं से जूझ रहे हैं। विगत वर्षों में विकासखण्ड़ कार्यालय में आवासीय भूमि पट्टा संबंधि 2180 ग्रामीण के मामले आए थे जिसमें से केवल 1373 मामलों में ही आदिवासियों को भूमि के पट्टे वितरण किए गए हैं। जबकि इसी प्रकार के 807 प्रकरण अब तक लंबित पड़े हुए हैं। इन प्रकरणों में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। 

इन गांवों के लंबित है प्रकरण

ग्राम शेखपुरा के 7, बरखेडी के 2, शाहपुरा के 3, बडनगर के 203, तज के 25, बडबेली के 1, ग्राम मुहाली 45, डोडी के 40, मुंगावली के 5, ग्राम सौंठी के 30, आछारोही के 3, चरनाल के 137, आमला के 54, चितोडि़यावन के 39, लालखेडी के 44, दखुर्द के 8, साली खेडी के 29, और बारवा खेड़ी के 31 प्रकरण लंबित हैं। 

यह हैं एकता परिषद की मांगे

एकता परिषद ने कहा कि कार्यालय के चक्कर काट रहे आदिवासी ग्रामीणों तथा गरीब किसानों के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और क्षेत्र के भूमिहीन परिवार को जीवन यापन करने योग्य भूमि प्रदान करने तथा पिछड़े गरीब तबके के कृषकों की भूमि में सड़क निर्माण के वक्त गड्ढे नहीं करने की मांग की है। 

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Author: Vinod Kumar

Categories: Media Reports

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